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रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (सी. स.)

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Principal Controller Defence Accounts (Border Roads)

रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार

Ministry of Defence, Govt of India

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लेखाकरण प्रणाली

रक्षा में व्यय की लेखांकन प्रणाली


रक्षा लेखा विभाग (र ले वि) रक्षा सेवाओं एवं रक्षा संगठनों से संबंधित सभी प्राप्तियों एवं प्रभारों की लेखापरीक्षा, भुगतान एवं लेखांकन के लिए उत्तरदायी है । 

रक्षा लेखा विभाग के कार्यालयों में  कार्य समेकन 

रक्षा लेखा विभाग में लेखांकन सूचना  विभिन्न लेखांकन शीर्षों  में विभाजित की गई है, जैसाकि रक्षा लेखा महानियंत्रक द्वारा प्रकाशित लेखे के मुख्य शीर्ष एवं लघु शीर्ष की सूची में दर्शाया गया है ।

रक्षा लेखा विभाग में वर्गीकृत लेखांकन  का अंतिम तत्व कूट शीर्ष  के रूप में है । रक्षा  लेखा विभाग द्वारा प्रदत्त  कूट शीर्ष लेखांकन लेन-देन के लिए विशेष महत्व रखता है ।

रक्षा संगठनों के संबंध में रक्षा लेखा विभाग द्वारा प्रचालित लेखांकन कूट शीर्ष वर्गीकरण लघु पुस्तक - रक्षा सेवाएं प्राप्ति एवं प्रभार (सी एच बी) में समाविष्ट हैं एवं रक्षा लेखा विभाग, सी जी ओ, बी आर ओ, सी एस डी, रक्षा मंत्रालय (सचिवालय) एवं लोक लेखे तथा भारत की फुटकर निधि से संबंधित अन्य रक्षा बजट राजस्व पुस्तिका, नामे एवं विप्रेषण शीर्षों (आर डी एवं आर पंफ्लेट) में समाविष्ट हैं । 

रक्षा व्यय का पांच स्तरीय वर्गीकरण 

सिविल विभागों  में अनुपालित 6 स्तरीय वर्गीकरण, जहां उद्देश्य शीर्ष वर्गीकरण का छटा स्तर है, की तुलना में रक्षा लेखा विभाग में 5 स्तरीय वर्गीकरण अनुपालित है जिसमें अंतिम स्तरीय वर्गीकरण - विस्तृत शीर्ष है जिसे उद्देश्य शीर्ष भी कहा जाता है ।  

सैक्टर -

मुख्य शीर्ष (पूंजीगत परिव्यय के मामले में उप मुख्यशीर्ष)

लघु शीर्ष

उप शीर्ष

विस्तृत शीर्ष 

सी एच बी एवं  आर पंम्पलैट के प्रत्येक लघुशीर्ष के अधीन विस्तृत कूट शीर्ष के लिए संहिताकरण पद्यति में 7 अंक हैं । प्रथम 2 अंक श्रेणी उपसर्ग को दर्शाते हैं, अगले तीन अंक कूट शीर्ष के मुख्य भाग को दर्शाते हैं तथा अंतिम 2 अंक मुख्य कूट शीर्ष के अनुयोजन को दर्शाते हैं । सी एच बी में लगभग 1800 कूट शीर्ष तथा आर डी एवं आर पम्पलैट में 900 कूट शीर्ष हैं । 

पंचिग माध्यम एवं इसके तत्व

लेखे के समेकन  में प्रस्तुत होने वाले मूल  दस्तावेज को पंचिग माध्यम कहा जाता है । रक्षा लेखा विभाग के कार्यालयों में  तैयार किया जाने वाला यह सबसे मौलिक दस्तावेज है जिसका उपयोग रक्षा सेवाओं के लेखे को तैयार करने में किया जाता है । इसमें माह, रक्षा लेखा नियंत्रक (कूट) लेनदेन की बुकिंग करने वाला, कूट शीर्ष का वर्गीकरण, वाउचर की श्रेणी, वाउचर का क्रम संख्या, क्या यह प्राप्ति या प्रभार तथा राशि है, का विवरण समाविष्ट होता है ।  
वाउचरों की विभिन्न श्रेणियां तथा उनको प्रदत्त संबंधित कूट संख्याएं निम्न प्रकार हैं -  

श्रेणी 1 - नकद वाउचर

श्रेणी 2 - स्थानांतरण प्रविष्टियां

श्रेणी 3 - सिविल अंतर-विभागीय अनुसूची

श्रेणी 4 - प्राप्तियों एवं प्रभारों का सार

श्रेणी 5 - नकद लेखे

श्रेणी 6 - रेलवे बिल

श्रेणी 8 - रक्षा अंतर-विभागीय अनुसूची

श्रेणी 9 - मुख्य कार्यालय द्वारा भुगतान किए गए एम ई एस बिल 

वितरित डाटा प्रोसेसिंग केन्द्र 

वर्तमान वित्तीय  सूचना प्रणाली, पूरे देश में स्थित वितरित डाटा प्रोसेसिंग केन्द्रों, नियंत्रक कार्यालयों के साथ स्थित तथा रक्षा लेखा महानियंत्रक ई डी पी केन्द्र के चारो तरफ घूमती है । रक्षा लेखा नियंत्रक कार्यालयों द्वारा पी एम डाटा ऐन्ट्री तथा प्रक्रिया एवं आगामी लेनदेन के लिए डी डी पी केन्द्र को तथा अंतिम रूप से समेकन के लिए रक्षा लेखा महानियंत्रक, ई डी पी केन्द्र को भेजी जाती है । रक्षा मंत्रालय, सेवा मुख्यालयों तथा रक्षा लेखा महानियंत्रक से विभिन्न प्राधिकारियों को वितरण के लिए नीचे दी गई संकलन रिपोर्टें जारी की जाती हैं -

1. अखिल भारतीय मुद्रित संकलन

2. समेकित आर डी आर

3. विश्लेषण

4. कमान-वार रिपोर्ट

5. निदेशालय - वार रिपोर्ट

6. प्रभारित व्यय रिपोर्ट

7. आभासी शीर्ष रिपोर्ट

8. श्रेणी 13 एवं 16 रिपोर्ट  

00/020/80 (सैन्य प्राप्य आदेश) का समायोजन

किसी रक्षा  सेवा अधिकारी द्वारा बैंक/ट्रेजरी को दी जाने वाली नकदी तीन प्रतियों में सैन्य प्राप्य आदेश (एम आर ओ) सहित होनी चाहिए । बैंक / ट्रेजरी द्वारा मूल प्रति टेंडरदाता को तथा दूसरी प्रति फोकल प्वांइट शाखा के माध्यम से संबंधित नियंत्रक को भेजी जाएगी । तीसरी प्रति जमाकर्ता को भी वापिस की जाएगी ।

जमाकर्ता  द्वारा भेजी गई एम आर ओ की मूल प्रतियां जब लेखापरीक्षा  अनुभाग में प्राप्त होंगी, क्रेडिट स्क्राल / प्राप्तियों की अनुसूची सहित एम आर ओ की दूसरी प्रतियां लेखा अनुभाग में प्राप्त की जाएंगी । चूंकि बैंकों से डी एम आर ओ शीघ्रता से प्राप्त होते हैं इनके समायोजन से पहले ओ एम आर ओ का समायोजन होता है । लेखा अनुभाग एवं लेखापरीक्षा अनुभाग द्वारा किया जाने वाला समायोजन निम्नानुसार हैः- 

लेखा  अनुभाग - डी एम आर ओ का समायोजन

बैंकों एवं  ट्रेजरी में भेजी गई रकम  रिजर्व बैंक जमा - रक्षा

00/020/80 (-) सी एच 00/021/00 (+) सी एच 

लेखापरीक्षा अनुभाग - ओ एम आर ओ का समायोजन

सेवा शीर्ष (+) आर टी बैंकों एवं ट्रेजरियों में प्रेषित

00/020/80 (+) सी एच

जब 00/020/80 के लिए प्रभार का आदि शेष (+) ओ एम आर ओ के समायोजन को दर्शाता है, जिसके लिए अभी लेखा अनुभाग द्वारा डी एम आर ओ का समायोजन किया जाना होता है, जबकि 00/020/80 के लिए आदि शेष (-) लेखा अनुभाग द्वारा डी एम आर ओ के समायोजन को दर्शाता है, जिसके लिए ओ एम आर ओ का समायोजन अभी लेखापरीक्षा अनुभाग द्वारा कया जाना है ।

वर्ष के अंत  में, जिन राशियों के लिए क्रेडिट स्क्रॉल / एम आर ओ या आर बी आई सलाह प्राप्त नहीं हुई है, उस असमायोजित राशि को 00/020/83 - आर बी आई उचंत अवर्गीकृत को (+) प्राप्ति के रूप में अंतरित कर दिया जाता है । क्रेडिट स्क्रॉल / एम आर ओ या आर बी आई सलाह प्राप्त होने पर 0/20/83 एवं 00/020/80 को क्रमशः (-) प्राप्ति एवं (-) प्रभार से मुक्त कर दिया जाता है । फोकल प्वांइट ब्रांच प्रणाली के आरंभ से सार्वजनिक उपक्रम के बैंकों से संबंधित प्रतीक्षा स्क्रॉल एवं सलाह की पहचान के लिए एक नया उचंत शीर्ष, जिसे पी एस बी शीर्ष के नाम से जाना जाता है, कूट शीर्ष 00/020/76 के अधीन खुल गया है । तथापि इसकी बुकिंग एवं समाशोधन के लिए प्रक्रिया उसी प्रकार हैं जैसे 0/20/83 पर लागू होती हैं । 

00/020/81 (चैकों एवं बिलों) का समायोजन

रक्षा सेवाओं की ओर से किए जाने वाले सभी  भुगतान रक्षा लेखा विभाग  के अधिकारियों द्वारा आहरित  चैक आदि के माध्यम से या तो किसी ट्रेजरी या बैंक में  किए जाते हैं तथा कुछेक  मामलों में यह रक्षा सेवाओं के अधिकारियों द्वारा किया जाता है । भारतीय स्टेट बैंक एवं सहयोगी बैंक की कार्य देखने वाली प्रत्येक शाखा फोकल प्वांइट शाखा को भुगतान किए हुए चैक / एम आर ओ द्वारा समर्थित दैनिक स्क्रॉल भेजेगी । भारतीय रिजर्व बैंक की लेनदेन करने वाली शाखाएं एफ पी बी के रूप में कार्य करेंगी तथा अपने मुख्य स्क्रॉल को सीधे संबंधित नियंत्रक को भेजेगी । भारतीय स्टेट बैंक की फोकल प्वाइंट शाखा लेनदेन करने वाली शाखाओं से प्राप्त दैनिक स्क्राल के आधार पर मुख्य स्क्रॉल तैयार करेगी तथा उनको भुगतान किए गए चैकों / एम आर ओ सहित दैनिक रूप से रक्षा लेखा नियंत्रक को भेजेगी । यद्यपि यह प्रक्रिया पेंशन लेनदेन के संबंध में लागू नहीं होती, वहां स्क्रॉल भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सीधे रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक, इलाहाबाद को भेजे जाते हैं ।

दैनिक स्क्रॉल  रक्षा लेखा नियंत्रक कार्यालय के लेखा अनुभाग में प्राप्त किए जाएंगे तथा मासिक डी एम एस एवं आर बी आई, सी ए एस नागपुर द्वारा दर्शाए गए योग पर सहमति होने के पश्चात भुगतान किए हुए चैक / एम आर ओ लिकिंग एवं जोड़े बनाने के लिए स्टाफ को सौंप दिए जाते हैं । चैक जारी करते समय लेखापरीक्षा अनुभाग द्वारा किया गया समायोजन तथा डेबिट स्क्रॉल / भुगतान किए हुए चैकों की प्राप्ति पर लेखा अनुभाग द्वारा समायोजन निम्न प्रकार हैः-

लेखापरीक्षा अनुभाग - चैक जारी करते समय

00/020/81 (चैक एवं बिल) (+) प्राप्ति सेवा शीर्ष (+) प्रभार

लेखाअनुभाग - स्क्रॉल / भुगतान चैक नामे समायोजन करते समय

00/020/81 (-) प्राप्ति 00/021/00 (आर बी जमा) (+) प्राप्ति  
वर्ष के अंत में, जिस राशि के लिए नामे स्क्रॉल / भुगतान चैक या आर बी आई सलाह प्राप्त नहीं हुई होती, असमायोजित राशि 00/020/83 - आर बी आई उचंत वर्गीकृत को (+) प्रभार के रूप में अंतरित कर जाती है । नामे स्क्रॉल / भुगतान चैक या आर बी आई सलाह की प्राप्ति पर 00/020/83 तथा 00/020/81 क्रमशः 00/020/83 को (-) प्रभार तथा 00/020/81 (-) प्राप्ति से मुक्त हो जाते हैं । फोकल प्वांइट ब्रांच प्रणाली के आरम्भ से एक नए उचंत शीर्ष नामतः "पी एस बी उचंत" कूट शीर्ष 00/020/76 के अधीन खोला गया है ताकि अपेक्षित स्क्रॉल तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के संबंध में सुझावों की पहचान की जा सके । तथापि, इसकी बुकिंग एवं निपटान की प्रक्रिया वही है जो 00/020/83 पर लागू है ।

फोकल  प्वांइट ब्रांच योजना (एफ पी बी)

01.10.93 से आरम्भ फोकल प्वांइट ब्रांच योजना गैर-सिविल मंत्रालयों जैसे रक्षा, रेलवे तथा डाक के लेनदेन के संबंध में रिपोर्ट करने, निपटान एवं मिलान करने की संशोधित प्रणाली है । पूर्ववर्ती प्रक्रिया में सभी अलग-अलग बैक शाखाएं भुगतान किए गए चैकों सहित स्क्रॉल सीधे संबंधित रक्षा लेखांकन सर्किल (डी ए सी) को भेज रहे थे जिससे इसकी प्राप्ति एवं मिलान में काफी विलम्ब हो रहा था । परिशोधित प्रक्रिया का उद्देश्य मिलान कार्य तेज तथा आसान करना है । परिशोधित प्रक्रिया के अधीन, प्रत्येक रक्षा लेखांकन सर्किल (डी ए सी) भारतीय स्टेट बैंक तथा इसके सहयोगी बैंकों, जो डी ए सी के साथ स्थित हों, की सभी शाखाओं के लिए एफ पी बी के रूप में कार्य कर रही एक बैंक शाखा द्वारा स्वीकार किया जाता है । भारतीय रिजर्व बैंक कार्य देखने तथा फोकल प्वांइट शाखा के रूप में कार्य करेगी तथा मुख्य स्क्रॉल एवं डी एम एस निर्धारित तारीखों को डी ए सी को भेजेगा । एफ पी बी, कार्य देखने वाली शाखाओं से चैकों / एम आर ओ द्वारा अनुसमर्थित दैनिक स्क्रॉल प्राप्त करेगी । अपने स्क्रॉल की तरह ही सभी संबंधित शाखाओं से प्राप्त स्क्रॉल के संबंध में ये एफ पी बी प्रत्येक दिन एक मुख्य स्क्रॉल तैयार करेंगी । 24 घंटो के भीतर मुख्य स्क्रॉल की एक प्रति इसकी सटीकता को प्रमाणित करते हुए / विसंगतियों को दर्शाते हुए डी ए सी द्वारा एफ पी बी को वापिस की जाएगी । एफ पी बी मुख्य स्क्रॉल में निहित राशि को एस बी आई / जी ए डी लिंक कक्ष, नागपुर को भेजेगी । एफ पी बी द्वारा एक तारीखवार मासिक विवरणी तैयार की जाएगी तथा आगामी माह की तीन तारीख को डी ए सी को भेजेगी, जिसे डी ए सी द्वारा सटीकता/ विसंगतियों को दर्शाते हुए अनुप्रमाणित करके वापिस किया जाएगा । अनुप्रमाणित डी एम एस की एक प्रति डी ए सी द्वारा रक्षा लेखा महानियंत्रक को भेजी जाएगी जो आगामी माह की 8 तारीख तक प्राप्त हो जाएगी ।  

भारतीय स्टेट  बैंक, जी ए डी / लिंक कक्ष भारतीय रिजर्व बैंक शाखाएं डी ए सी को मासिक निपटान खाते के आंकडों, जो उनके द्वारा आर बी आई, सी ए एस, नागपुर को भेजे गए हैं, को भेजा जाएगा । भारतीय रिजर्व बैंक, आगामी माह की 20 तारीख तक सी ए एस नागपुर अंत शेष विवरणी डी ए सी को भेजना जारी रखेगा । क्योंकि सत्यापित तारीखवार मासिक विवरणी (वी डी एम एस) आपसी सहमति से स्वीकृत दस्तावेज है, यह एफ पी बी द्वारा किए जाने वाले सरकारी लेनदेन के मिलान के लिए आधारभूत दस्तावेज है । एफ पी बी योजना के अधीन सार्वजनिक बैंकों के माध्यम से किए गए पेंशन भुगतान कवर नहीं होते ।

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