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रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (सी. स.)

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Principal Controller Defence Accounts (Border Roads)

रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार

Ministry of Defence, Govt of India

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नई पेंशन योजना

भारत सरकार वित्त मंत्रालय, क्रय विभाग ने अपने दिनांक 14.01.2004 तथा 04.04.2004 के कार्यालय ज्ञापन संख्या एफ.नं)1टी)(2)/2003टीए/19 के अधीन परिभाषित मौजूदा लाभकारी पेंशन योजना के स्थान पर एक अंशदायी पेंशन योजना प्रारंभ की है। नई पेंशन योजना 01.01.2004 से लागू हुई है तथा यह सशस्त्र बलों को छोड़कर केन्द्रीय सरकार में 01.01.2004 एवं उसके बाद पदभार ग्रहण करने वाले सभी नए नवागंतुकों पर लागू होगी।

विशेषताएं

  1. नई पेंशन योजना, परिभाषित अंशदायी आधार पर कार्य करेगी तथा इसके टियर-1 एवं टियर-2, दो टियर होंगे।
  2. टियर-1, 01.01.2004 व तत्पश्चात कार्यभार ग्रहण करने वाले सभी सरकारी सेवकों के लिए अनिवार्य है। टियर-1 में सरकारी सेवक अपने मूल वेतन, मंहगाई वेतन तथा महंगाई भत्ते से 10% अंशदान देगा जिसकी कटौती संबंधित वेतन लेखा कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह के वेतन बिल से की जाएगी । सरकार भी उसके समतुल्य अंशदान करेगी। टियर-1 अंशदान को गैर-आहरण पेंशन टियर-1 खाते में रखा जाएगा।
  3. टियर- 2 वैकल्पिक होगा तथा सरकारी कर्मचारी की इच्छा पर निर्भर करेगा। टियर-2 अंशदान पृथक खाते में रखा जाएगा जिसके आहरण का विकल्प सरकारी सेवक का होगा। टियर -1 के अंतर्गत अंतरिम व्यवस्था अवधि में स्वैच्छिक अंशदायी योजना प्रचालित नहीं की जाएगी अतः इस खाते में कर्मचारियों के वेतन से कोई भी कटौती नहीं की जाएगी।
  4. 01.01.2004 तथा उसके पश्चात कार्यभार ग्रहण करने वाले नए सरकारी सेवकों पर परिभाषित लाभकारी पेंशन तथा सामान्य भविष्य निधि के विद्यमान प्रावधान लागू नहीं होंगे।
  5. एक स्वतन्त्र पेंशन निधि नियामक तथा विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) पेंशन विपणन का नियमन एवं विकास करेगा।
  6. सांविधानिक पीएफआरडीए की स्थापना किये जाने तक एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में मंत्रालय (आर्थिक कार्य विभाग) द्वारा कार्यपालक आदेश जारी कर अंतरिम पीएफआरडीए की नियुक्ति की जाएगी।
  7. यह भी निर्णय लिया गया है अंतरिम अवधि के दौरान टियर-2 परिचालित नहीं किया जाएगा।
  8. जब तक नियमित केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण प्राधिकरण तथा पेंशन निधि प्रबंधकों की नियुक्ति नहीं होती तथा प्रत्येक व्यक्ति का संचित अधिशेष उनके सुपुर्द नहीं किया जाता , यह निर्णय लिया गया है कि सरकारी सेवकों द्वारा किए गए अंशदान को दर्शाने वाली यह धनराशियां भारत के लोक खाते में रखी जाएगी।
  9. 60 वर्ष या अधिक की आयु वाला कोई सरकारी सेवक इस योजना के टियर-1 से बाहर आ सकता है। बाहर होने पर उसके लिए यह अनिवार्य होगा कि वह पेंशन राशि का 40% का वार्षिक (आईआरडीए से विनियमित जीवन बीमा कम्पनी) में निवेश करे, जो कि कर्मचारी एवं उस पर आश्रित माता-पिता/कर्मचारी को जीवन पर्यंत पेंशन उपलब्ध कराएगा। जिन मामलों में सरकारी सेवक ने 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले योजना छोड़ दी है, पेंशन राशि के 80 का वार्षिकीकरण अनिवार्य होगा।
  10. टियर-1 अंशदान की वसूली सरकारी सेवक के कार्यभार ग्रहण करने के माह से अगले माह से आरंभ होगी। अतः कार्यभार ग्रहण करने के माह में कोई वसूली नहीं की जाएगी।
  11. 01.01.2004 या उसके बाद कार्यभार ग्रहण करने वाले सरकारी सेवकों से सेवा अंशदान योजना के अधीन कोई वसूली नहीं की जाएगी क्योंकि सेवा अंशदान योजना उन पर लागू नहीं होती है।
  12. यह निर्णय लिया गया है कि नियमित केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण प्राधिकरण की स्थापना होने तक , केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय(सीपीएओ) उपर्युक्त योजना के लिए केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण प्राधिकरण के रूप में कार्य करेगा।

स्थायी पेंशन लेखा संख्या (पी पी ए एन) की आबंटन प्रक्रिया

  1. सरकारी सेवा में आते ही सरकारी कर्मचारी को अपना नाम, पद, वेतनमान, जन्म तिथि, निधि के लिए नामिति से संबंध आदि जैसा विवरण निर्धारित प्रपत्र (अनुलग्नक-1) पर दिया जाना अपेक्षित है। संबंधित डी डी ओ नई पेंशन योजना के अधीन आने वाले सभी सरकारी सेवकों से इस सूचना को प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होगा।
  2. संबंधित वेतन लेखा कार्यालय 16 अंकों की विशेष स्थाई पेंशन लेखा संख्या(पी पी एन) आबंटित करेगा। इस संख्या के पहले चार अंक सेवा में तैनाती के कैलेण्डर को दर्शाएंगे, अगला अंक सिविल या गैर-सिविल मंत्रालय को दर्शाएगा, अगले 6 अंक वेतन लेखा कार्यालय कूट(जिसका उपयोग मासिक लेखा संकलन के उद्देश्य से किया जाता है), अंतिम 5 अंक सरकारी कर्मचारी की चालू क्रम संख्या होगी जिसे संबंधित वेतन लेखा कार्यालय द्वारा आबंटित किया जाएगा। वेतन लेखा कार्यालय किसी कैलेण्डर वर्ष के जनवरी से दिसम्बर तक 0001 से आगे तक सरकारी सेवकों को क्रम संख्या आबंटित करेगा। पी पी ए एन के क्रम से आबंटन और पी पी ए एन के आबंटन की पुनरावृत्ति से बचाव सुनिश्चित करने के लिए एक रजिस्टर का अनुरक्षण किया जाएगा।
  3. गैर-सिविल मंत्रालयों / विभागों से केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय को सूचनाओं के प्रवाह के लिए, उनमें से प्रत्येक, एक नोडल कार्यालय नामित करेगा जो अपने मंत्रालय / विभाग से संबंधित सूचना / विवरण भेजने तथा केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय के साथ पत्र व्यवहार के लिए उत्तरदायी होगा ।
  4. विभिन्न डी पी डी ओ से प्राप्त सरकारी कार्यालय के विवरण को प्रत्येक मंत्रालय / विभाग द्वारा समेकित किया जाएगा तथा उसे केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय को भेजा जाएगा । केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय इस सूचना को अपने कंप्यूटर के डेटाबेस में रखेंगे ।
  5. नई पेंशन योजना के क्रियान्वयन में निहित लेखांकन शीर्षों की सूचना नियत प्रक्रिया के अधीन दी जाएगी ।
  6. नए आगंतुक का प्रथम वेतन बिल, अनुलग्नक - 1 की प्राप्ति सुनिश्चित होने पर, पास किया जाएगा । (मूल वेतन + डी पी + डी ए + एन पी ए) के 10 प्रतिशत टाइर राशि की कटौती वेतन बिल से की जाएगी तथा व्यक्ति के क्रेडिट के लिए एक मैचिंग अंशदान भी जमा किया जाएगा ।
  7. इस योजना के अधीन आने वाले व्यक्तियों के लिए अलग से वेतन बिल तैयार किया जाएगा ।
  8. अनुसूची विवरण, जो अनुलग्नक - 2 में संलग्न है, की जांच ध्यानपूर्वक की जानी चाहिए ।
  9. अनुलग्नक - 1 एवं अनुलग्नक - 2 में की डाटा फाइल मासिक आधार पर बनाई तथा केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय को भेजी जाएगी ।
  10. इस सूचना के प्राप्त होने पर केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय अपने डेटाबेस को अद्यतन करेंगे तथा छूटे हुए क्रेडिट, असंगत आदि के लिए रिपोर्ट जारी करेंगे ।
  11. अंतरिम व्यवस्था करने के दौरान किसी भी राशि के आहरण की अनुमति नहीं होगी ।
  12. प्रत्येक वर्ष की समाप्ति पर केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय, आदिशेष, मासिक कटौतियों का विवरण तथा सरकारी अंशदान, अर्जित ब्याज, यदि कोई हो, तथा अंतशेष का विवरण दर्शाते हुए, प्रत्येक कर्मचारी के लिए वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेंगे । केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय इन विवरणों को नोडल कार्यालयों को भेजेंगे ।
  13. प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय द्वारा शेषों (पी ए ओ- वार) के संबंध में रिपोर्ट मिलान के उद्देश्य से प्रत्येक वेतन लेखा कार्यालय को भेजेगा । वेतन लेखा कार्यालय अंशदान के आंकडों को केन्द्रीय पेंशन लेखांकन कार्यालय की पुस्तिका में दर्शाए गए आंकडों से मिलाएगा ।

नई पेंशन योजना के लिए लेखांकन / लेखापरीक्षा

  1. सरकारी सेवा में आने पर सरकारी सेवक स्थाई पेंशन लेखा संख्या आवंटन हेतु तत्काल अपना विवरण अर्थात् नाम, पदनाम, जन्म तिथि एवं निधि के लिए नामिति से संबंधित निर्धारित प्रपत्र(परिशिष्ट - 1) में भरकर प्रस्तुत करेंगे ।
  2. नए भर्ती, जो दिनांक 01.01.2004 या उसके बाद सेवा में आए हैं, के लिए अलग से वेतन बिल बनाया जाना अपेक्षित है ।
  3. जिस माह से कर्मचारी नियुक्त हुआ है उससे अगले माह से इस योजना के अंतर्गत वेतन से वसूली / अंशदान कटौती की जाएगी । सरकारी सेवक के नियुक्ति माह से कोई कटौती नहीं की जाएगी ।
  4. टियर - 1 योजना के अंतर्गत सरकारी कर्मचारी से अंशदान वसूल करना अनिवार्य है ।
  5. सरकार द्वारा भी बराबर मैचिंग अंशदान किया जाएगा ।
  6. सरकारी कर्मचारी द्वारा दिया जाने वाले वाला अंशदान उसके मूल वेतन, डी पी, डी ए एवं एन पी ए का 10 प्रतिशत होगा जो उसके प्रत्येक माह के वेतन बिल से काटा जाएगा ।
  7. वेतन के बकाया, मंहगाई भत्ते में संशोधन के कारण जब कभी उसके मूल वेतन/ डी ए / डी पी में बदलाव होता है तो भुगतान की गई राशि के 10 प्रतिशत की भी कटौति की जाएगी ।
  8. 01.01.2004 को या इसके बाद सेवा में आए सरकारी सेवक से सामान्य भविष्य निधि के लिए कोई कटौती नहीं की जाएगी क्योंकि सामान्य भविष्य निधि योजना उन पर लागू नहीं है ।
  9. स्थाई पेंशन लेखा संख्या 16 अंको की होगी ।
  10. डिजाइन किए गए प्रपत्र के अनुसार वसूली अनुसूची प्रत्येक वेतन बिल के साथ लगाई जाएगी जिसमें अन्य सूचनाओं के अलावा पी पी ए एन नं0 बिल, मूल वेतन, डी ए, डी पी, नाम, लेखा संख्या , अंशदान की राशि, माह आदि दर्शाया जाएगा ।
  11. अनुसूची में दी गई सूचनाओं की जांच की जाए कि वे बिल में की गई वसूलियों के अनुरूप हैं ।
  12. आवश्यक लेखापरीक्षा जांच, जैसे कि अन्य वेतन बिलों में की जाती हें, करने के पश्चात बिल भुगतान के लिए पास कर दिया जाता है ।
  13. व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले अंशदान तथा सरकार द्वारा दिए जाने वाले बराबर मैचिंग अंशदान के माध्यम से की गई वसूली को नीचे दर्शाए गए कूट शीर्ष में समेकित किया जाएगा -
    1. 1. 00/016/02 - व्यक्तिगत अंशदान
    2. 2. 00/016/03 - सरकारी मैचिंग अंशदान

    जैसे अनुरूपी / संबंधित प्रभार शीर्ष अर्थात नए आर डी आर शीर्ष सहित जमा प्राप्तियां ।

  14. अंत में अनुसूचियों को अलग कर लिया जाता है तथा पंचिग के लिए ई डी पी को भेज दिया जाता है।
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प्रकाशनाधिकृत- 2009 रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक, सीमा सड़क सर्वाधिकार सुरक्षित
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